रायपुर। नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर मीनल चौबे ने निगम मुख्यालय में राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक ली। बैठक में संपत्ति कर निर्धारण, बकाया राजस्व, पार्ट-पेमेंट, भवन पूर्णता प्रमाणपत्र, कॉलोनियों में कर वसूली और निगम की लीज संपत्तियों से जुड़े मामलों की समीक्षा की गई।
महापौर ने अधिकारियों को राजस्व से जुड़े सभी कार्य नियमों के अनुसार और पारदर्शिता के साथ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व बढ़ाने के साथ आम नागरिकों की सुविधा का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।
बैठक में महापौर ने स्पष्ट किया कि जल कर और यूजर चार्ज पर किसी तरह का ब्याज नहीं लगाया जाएगा। बकाया राशि के पार्ट-पेमेंट की प्रक्रिया को भी आसान और पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए गए।
समीक्षा के दौरान सामने आया कि कुछ ऐसे भवनों से भी जलकर लिया जा रहा है, जहां नल कनेक्शन मौजूद नहीं है। इस पर महापौर ने निर्देश दिया कि बिना नल कनेक्शन वाले भवनों से जलकर की वसूली नहीं की जाए।
लीज पर दी गई उन संपत्तियों की भी समीक्षा की गई, जिनकी लीज अवधि समाप्त हो चुकी है। महापौर ने कहा कि ऐसे मामलों में पहले नियमानुसार लीज नवीनीकरण की प्रक्रिया पूरी की जाए और उसके बाद ही आगे की कार्रवाई हो।
इसके अलावा कॉलोनियों के निगम को हैंडओवर की स्थिति, वहां उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं और कर निर्धारण से जुड़े मामलों की फाइलवार जांच के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को लंबित राजस्व प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण करने और कर व शुल्क से जुड़े नियमों की जानकारी नागरिकों को सरल भाषा में उपलब्ध कराने को कहा गया।

