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सौम्या चौरसिया की 50 से ज्यादा संपत्तियां अटैच, घर के बाहर लगा बोर्ड

रायपुर में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बड़ी कार्रवाई के तहत छत्तीसगढ़ की पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उप सचिव रहीं सौम्या चौरसिया की 50 से अधिक संपत्तियां अटैच कर दी हैं। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग और कोयला घोटाले से जुड़े आरोपों के तहत की गई है। ED ने इन संपत्तियों को अटैच करने के बाद उनके घर और अन्य संपत्तियों पर नोटिस चस्पा कर दिए हैं, जो कि कानूनन आवश्यक प्रक्रिया है। अटैच की गई संपत्तियों में भिलाई स्थित सूर्या विहार का उनका निवास भी शामिल है।

कोयला घोटाला और सौम्या चौरसिया की गिरफ्तारी

प्रवर्तन निदेशालय ने सौम्या चौरसिया को 2 दिसंबर 2022 को गिरफ्तार किया था, जब उनके खिलाफ कोयला घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में जांच चल रही थी। गिरफ्तारी के बाद से चौरसिया रायपुर की सेंट्रल जेल में बंद हैं। ED ने अपनी जांच में दावा किया है कि चौरसिया कोयला घोटाले से जुड़े अवैध धन के संचालन में शामिल थीं।

छत्तीसगढ़ में कोयला घोटाले की जांच के दौरान ED ने लगभग 500 करोड़ रुपये की अवैध उगाही का खुलासा किया। बताया जा रहा है कि इस घोटाले के तहत नियमों में बदलाव कर लेवी वसूली की गई, जिसके जरिए अवैध रूप से अर्जित धन का इस्तेमाल चल-अचल संपत्तियों को खरीदने में किया गया। ED ने इस संबंध में मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया और जांच के दौरान कई बेनामी संपत्तियों की भी पहचान की।

अटैच की गई संपत्तियों की जानकारी

ED की इस कार्रवाई में चौरसिया की कुल 50 से अधिक संपत्तियों को अटैच किया गया है, जिनमें जमीन, मकान, और अन्य मूल्यवान संपत्तियां शामिल हैं। इनमें से कुछ संपत्तियां उनके नाम पर हैं, जबकि कई संपत्तियां बेनामी बताई जा रही हैं। बेनामी संपत्तियों को अटैच करने के लिए भी ED ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की और संपत्तियों पर नोटिस चस्पा किए।

सौम्या चौरसिया के भिलाई स्थित सूर्या विहार का निवास भी ED द्वारा अटैच की गई संपत्तियों में प्रमुख रूप से शामिल है। यह घर चौरसिया का स्थायी निवास बताया जाता है, जहां उन्होंने लंबे समय से निवास किया है। इसके अलावा, अन्य संपत्तियां भी कई प्रमुख स्थानों पर स्थित हैं, जिनमें से कुछ व्यावसायिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती हैं।

कोयला घोटाले का प्रकरण

छत्तीसगढ़ में कोयला घोटाला एक प्रमुख राजनीतिक और आर्थिक मामला बन गया है, जिसके केंद्र में सरकारी अधिकारियों और बड़े कारोबारियों की संलिप्तता का आरोप है। ED की जांच में खुलासा हुआ कि राज्य में कोयला परिवहन और खनन के नियमों में बदलाव कर अवैध रूप से बड़ी मात्रा में धन जुटाया गया। इस धन का इस्तेमाल विभिन्न अवैध कार्यों और संपत्तियों की खरीद में किया गया।

सौम्या चौरसिया पर आरोप है कि उन्होंने इस पूरे घोटाले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और उनके निर्देशों पर कई सरकारी नियमों में बदलाव किए गए, ताकि वसूली की प्रक्रिया को सुचारू रूप से अंजाम दिया जा सके।

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