रायपुर। छत्तीसगढ़ के औद्योगिक परिदृश्य को नई गति देने के उद्देश्य से, हाल ही में आयोजित MSME कॉन्क्लेव 2025 में राज्य के प्रमुख उद्योगपतियों और सरकारी अधिकारियों के बीच गहन चर्चा हुई। कॉन्क्लेव का मुख्य केंद्र राज्य के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) के सामने आने वाली चुनौतियों और उनके लिए भविष्य की संभावनाओं पर मंथन करना था।
उद्योग मंत्री ने कार्यक्रम में विनिर्माण (Manufacturing) क्षेत्र को बढ़ावा देने और MSMEs के लिए एक अनुकूल माहौल बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। इस दौरान, निवेशकों और उद्यमियों को राज्य की नई औद्योगिक नीति और लॉजिस्टिक्स नीति 2025 में मिलने वाले प्रोत्साहन और सब्सिडी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
कॉन्क्लेव में उपस्थित उद्योगपतियों ने कच्चे माल की उपलब्धता, वित्त पोषण की आसान पहुंच, और बाजार लिंकेज को मजबूत करने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपने विचार रखे। अधिकारियों ने समस्याओं के त्वरित समाधान और नीतिगत सुधारों को लागू करने का आश्वासन दिया।
यह मंथन इस बात पर केंद्रित रहा कि छत्तीसगढ़ कैसे अपने खनिज-आधारित उद्योगों के साथ-साथ कृषि-प्रसंस्करण और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे उभरते क्षेत्रों में MSMEs को सशक्त बनाकर राज्य के औद्योगिक विकास को तेज कर सकता है। इस कॉन्क्लेव को छत्तीसगढ़ के औद्योगिक भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण रोडमैप तैयार करने की दिशा में एक सफल कदम माना जा रहा है।