हरदा के एक मुस्लिम परिवार को उनके ही समाज ने किसी भी कार्यक्रम में शामिल न होने की सजा सुनाई है। यही नहीं, एक लाख रुपये का जुर्माना भी परिवार पर लगाया गया है। यह सजा कमेटी ने इसलिए सुनाई क्योंकि परिवार ने अपने लड़के के निकाह में राजस्थान से घूमर के कलाकारों को बुलाकर डांस का प्रोग्राम रखा था।
पीड़ित परिवार ने इस सजा से आहत होकर शिकायत सिटी कोतवाली थाने में की है। उन्होंने समाज के ठेकेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।
पीड़ित रशीद चौहान का कहना है कि वे 20 साल से हरदा में रहते हैं। वे लकड़ी कटाई का काम करते हैं और साधारण परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने अपने बेटे मोहिन की शादी 28 जनवरी को चांदनी से देवास जिले के खातेगांव अंतर्गत संदलपुर में समाज के सम्मेलन में की थी। बेटे के शादी में बड़े अरमान थे। इसलिए दो दिन बाद घर पर दावत रखी। शादी में राजस्थान के घूमर कलाकारों को बुलाया था। इस प्रकार का बड़ा आयोजन देखकर समाज के बड़े लोगों को यह रास नहीं आया।
रशीद का कहना है कि उन्होंने अपने बेटे की शादी पढ़ाई धूमधाम से की। जिसमें लगभग 3500 लोग शामिल हुए थे। समाज के लोगों को प्रोग्राम से नाराजगी हुई। नाराजगी के साथ-साथ जलन पैदा हुई। जिसके कारण 8 से 10 लोगों ने इसका बहिष्कार करने की बात कही और उनपर 11 महीने तक समाज के सभी कार्यक्रमों में न शामिल होने की सजा के साथ-साथ एक लाख का जुर्माना लगा दिया।
वहीं दूसरी तरफ हरदा के सदर शहाबुद्दीन ने बताया कि यह फैसला हमने पूरे समाज में किया है। क्योंकि इस्लाम में डीजे बजाना, घोड़े के साथ बारात निकालना और इस प्रकार का डांस गलत माना गया है। जिसके कारण समाज के लोगों ने यह बात बताई और समाज ने ही यह फैसला किया है कि इनपर सजा और जुर्माना लगाया जाए।
परिवार ने पुलिस अधीक्षक को भी इस मामले से अवगत कराया ताकि अन्य लोगों को भी इस प्रकार की सजा न भुगतना पड़े। साथ ही रशीद ने थाना प्रभारी पर भी बदसलूकी के आरोप लगाए हैं।