बस्तर/रायपुर, 25 नवंबर 2025: छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में सरेंडर नक्सली भूपति पर संगठन का गुस्सा फूट पड़ा। माओवादी गुट ने भूपति को ‘गद्दार’ कहकर गालियां दीं। सरेंडर के दौरान मुस्कुराते हुए ली गई उनकी तस्वीर पर भड़ककर संगठन ने नोट जारी किया, जिसमें लिखा- “इसे मिट्टी में गाड़ दो।” यह घटना नक्सल उन्मूलन अभियान के बीच सरेंडर की प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर रही है।
गुस्से का कारण: भूपति ने हाल ही में हथियार डालकर मुख्यधारा में लौटने का फैसला लिया। सरेंडर समारोह में मुस्कुराते हुए पुलिस के साथ फोटो खिंचवाई, जो संगठन को नागवार गुजरी। माओवादी कम्युनिस्ट सेंटर (MCC) ने इसे ‘विश्वासघात’ बताते हुए चेतावनी दी। एक पूर्व नक्सली ने बताया, “संगठन में ‘गद्दार’ शब्द मौत का फरमान है। हिड़मा जैसे नेता भी इसी डर से सरेंडर से हिचकते थे।” भूपति पर 8 लाख का इनाम था, सरेंडर के बाद उन्हें पुनर्वास पैकेज मिला।
संगठन की प्रतिक्रिया: जारी नोट में कहा गया, “भूपति ने संगठन को धोखा दिया। उसकी मुस्कान पर हमारा खून खौल रहा। ऐसी तस्वीरों को मिट्टी में दफना दो।” पुलिस ने इसे प्रोपगैंडा बताया, कहा- “सरेंडर बढ़ रहे, संगठन कमजोर।” IG बस्तर दीपशिखा सिंह बोलीं, “ऐसी धमकियां सरेंडर रोकने की कोशिश। हम सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।”
मामले ने बस्तर में सरेंडर नीति पर बहस छेड़ दी। 2025 में 1,800+ नक्सली सरेंडर कर चुके।