डोंगरगढ़। नक्सली हिंसा से प्रभावित परिवारों ने अब सरकार के खिलाफ आंदोलन का ऐलान कर दिया है। अपने परिजनों को नक्सली घटनाओं में खो चुके कई पीड़ित परिवारों का कहना है कि उन्हें अब तक नौकरी, मुआवजा और पुनर्वास जैसी मूलभूत मांगों पर कोई ठोस राहत नहीं मिली है।
डोंगरगढ़ निवासी धीरेंद्र कुमार साहू समेत कई पीड़ित परिवारों ने चेतावनी दी है कि यदि 21 मई 2026 तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे राजनांदगांव स्थित आईजी कार्यालय के सामने परिवार सहित अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेंगे।
पीड़ितों का कहना है कि वे अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई चाहते हैं। उनका आरोप है कि पहले नक्सल हिंसा ने उनका परिवार उजाड़ा और अब सरकार उनकी समस्याओं की अनदेखी कर रही है।
नक्सल प्रभावित परिवारों के इस ऐलान से प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ गई है। माना जा रहा है कि पहली बार इतने बड़े स्तर पर पीड़ित परिवार संगठित होकर आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं, जिससे सरकार की पुनर्वास नीति और उसके जमीनी क्रियान्वयन पर सवाल उठने लगे हैं।

