बालोद: राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) में गड़बड़ी के मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) को कड़ी फटकार लगाई है। हाईकोर्ट ने एनटीए को निर्देश दिया है कि वह 3 दिन के अंदर इस मामले में जवाब पेश करे।
मामला क्या है?
बालोद जिले के शासकीय उमा विद्यालय में 5 मई को आयोजित NEET परीक्षा में छात्रों को गलत प्रश्न पत्रों का सेट बांट दिया गया था। जब परीक्षा केंद्र को अपनी गलती का एहसास हुआ, तो 40-50 मिनट बाद सही प्रश्न पत्रों का सेट बांटा गया। लेकिन, इस गड़बड़ी की वजह से छात्रों का काफी समय बर्बाद हो गया।
छात्रों ने क्या किया?
इस गड़बड़ी से प्रभावित छात्रों ने लिपिका सोनबोईर और अन्य के नेतृत्व में हाईकोर्ट में याचिका दायर कर एनटीए के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। याचिका में कहा गया है कि छात्रों को गलत प्रश्न पत्रों के कारण काफी नुकसान हुआ है और उन्हें परीक्षा में उचित मौका नहीं मिला।
हाईकोर्ट ने क्या कहा?
हाईकोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लिया और एनटीए को 3 दिन के अंदर जवाब पेश करने का निर्देश दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अगली सुनवाई कब होगी?
इस मामले की अगली सुनवाई शुक्रवार 24 मई को होगी। हाईकोर्ट इस मामले में एनटीए के जवाब के बाद अपना फैसला सुनाएगा।
यह घटना NEET परीक्षा में आयोजित की जा रही गड़बड़ियों की एक लंबी श्रृंखला में नवीनतम है। पिछले साल भी कई केंद्रों पर इसी तरह की गड़बड़ियां सामने आई थीं। इन घटनाओं ने NEET परीक्षा की व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिया है और छात्रों में भारी रोष पैदा कर दिया है।

