छत्तीसगढ़। महिला नक्सली मांगो उर्फ सिंधु नुरेटी को NIA की विशेष अदालत ने मामले में बरी कर दिया है। अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष उसके खिलाफ लगाए गए आरोपों को पर्याप्त साक्ष्यों के साथ साबित नहीं कर सका।
मामला 12 अप्रैल 2024 को धमतरी जिले के नगरी क्षेत्र में हुई कथित पुलिस-माओवादी मुठभेड़ से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, DRG और STF की संयुक्त टीम अभियान पर थी, तभी जंगल में माओवादियों ने सुरक्षाबलों पर हमला किया था।
पुलिस का दावा था कि मुठभेड़ के दौरान मांगो नुरेटी के पैर में गोली लगी और बाद में वह एक गांव में एक व्यक्ति के घर में छिपी मिली। इसके बाद ओडिशा पुलिस की टीम ने उसे गिरफ्तार किया था।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए गवाह और दस्तावेज आरोपों को पुख्ता तौर पर साबित नहीं कर सके। अदालत के सामने उसकी पहचान, मुठभेड़ में कथित भूमिका, चोट और हथियार बरामदगी से जुड़े साक्ष्यों को लेकर भी पर्याप्त प्रमाण नहीं मिले।
इन परिस्थितियों को देखते हुए NIA की विशेष अदालत ने मांगो उर्फ सिंधु नुरेटी को दोषमुक्त कर दिया।

