रायपुर पुलिस ने ओड़िशा के एक संगठित गिरोह के 8 सदस्यों को गिरफ्तार किया है जो नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी कर रहे थे और साथ ही नकली नोट भी छाप रहे थे।
आरोपियों ने पंडरी और अनुपम नगर इलाकों में कॉल सेंटर स्थापित किए थे, जहां वे बेरोजगारों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे पैसे वसूलते थे। पुलिस को लगातार शिकायतें मिल रही थीं जिसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायपुर संतोष सिंह ने इस मामले की जांच के लिए एक टीम का गठन किया।
टीम ने छापेमारी कर आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से बुलेट वाहन, थार वाहन, सोने-चांदी के जेवरात, मोबाइल फोन, नकली नोट छापने की मशीन और अन्य सामान जब्त किया।
पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे “फर्जी” नामक वेबसीरीज से प्रेरित होकर नकली नोट छाप रहे थे। वे लोगों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर पैसे वसूलते थे और उन्हें स्पाइस जेट कंपनी में नौकरी लगने का फर्जी अपॉइंटमेंट लेटर भी देते थे।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान पिन्टू ताण्डी उर्फ बुल्लू, कैलाश ताण्डी उर्फ केटी, आकाश ताण्डी, खेत्रो ताण्डी, अभिजीत दीप, विक्की ताण्डी, राज टाकरी और नितेश कुमार बाघ के रूप में हुई है।
पुलिस ने इनके खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और नकली मुद्रा बनाने सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।