अभनपुर। शिक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ से एक सराहनीय और दूरदर्शी पहल की शुरुआत होने जा रही है। वार्ड क्रमांक 14, अभनपुर की पार्षद एवं नगर पालिका परिषद में सभापति (महिला एवं बाल कल्याण) श्रीमती दीक्षा राठी द्वारा “एक ईंट – पीढ़ियों के लिए” नामक अभियान की शुरुआत की जा रही है। यह पहल न केवल वर्तमान विद्यार्थियों की जरूरतों को पूरा करने का प्रयास है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को मजबूत आधार देने का संकल्प भी है।
हाल ही में पीएम श्री शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, अभनपुर के निरीक्षण के दौरान यह सामने आया कि विद्यालय में शौचालय, शुद्ध पेयजल, बाउंड्री वॉल और अतिरिक्त कक्षाओं जैसी मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने की आवश्यकता है। इन्हीं जरूरतों को ध्यान में रखते हुए यह जनभागीदारी आधारित योजना तैयार की गई है।
“एक ईंट – पीढ़ियों के लिए” योजना के तहत न्यूनतम एक ईंट के बराबर प्रतीकात्मक सहयोग स्वीकार किया जाएगा। इसका उद्देश्य समाज को शिक्षा से जोड़ना और यह संदेश देना है कि शिक्षा केवल सरकार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उल्लेखनीय है कि इस विद्यालय में लगभग 1200 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं और यहां छत्तीसगढ़ के श्रेष्ठ शिक्षकों का मार्गदर्शन उपलब्ध है, जिनमें चार गोल्ड मेडलिस्ट शिक्षक भी शामिल हैं। इसी वजह से विद्यालय की शैक्षणिक प्रतिष्ठा दूर-दूर तक है और आसपास के क्षेत्रों से भी विद्यार्थी यहां पढ़ने आते हैं।
इस योजना के अंतर्गत एक ईंट की प्रतीकात्मक कीमत ₹8 रखी गई है। कोई भी नागरिक न्यूनतम एक ईंट से लेकर अपनी इच्छा अनुसार सहयोग कर सकता है। विशेष रूप से 10 प्रमुख सहयोगदाताओं को “भामाशाह” की उपाधि से सम्मानित किया जाएगा।
“एक ईंट – पीढ़ियों के लिए” अभियान के माध्यम से हर नागरिक को शिक्षा की नींव मजबूत करने का अवसर मिलेगा। यह पहल अभनपुर ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और देश के लिए एक प्रेरणास्रोत बनने की क्षमता रखती है, जहां एक ईंट से अनेक पीढ़ियों का भविष्य संवारा जाएगा।

