पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की, झीरम घाटी हत्याकांड से जोड़ा

भिलाई। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए दर्दनाक आतंकी हमले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज एक प्रेस वार्ता आयोजित की और इस हमले की कड़ी निंदा की। बघेल ने कहा कि इस हमले ने न केवल 27 परिवारों को उजाड़ दिया, बल्कि पूरे देश को शोक में डुबो दिया है। उन्होंने इस आतंकी हमले की तुलना झीरम घाटी हत्याकांड से करते हुए केंद्र सरकार की नाकामी पर गंभीर सवाल उठाए।

हमले में 27 लोग मारे गए, केंद्र सरकार की नाकामी पर उठे सवाल
बघेल ने पहलगाम हमले को “नफरत और आतंकवाद” का प्रतीक बताते हुए कहा कि इसमें धर्म पूछ-पूछ कर हत्याएं की गईं और उन लोगों को भी मारा गया जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर पर्यटकों की जान बचाई। उन्होंने इस हमले को झीरम घाटी हत्याकांड से जोड़ते हुए कहा कि दोनों घटनाओं में सुरक्षा बलों की असमर्थता और अनदेखी स्पष्ट है।

संविधान बचाओ रैली पर बघेल का बयान
पूर्व सीएम ने संविधान बचाओ रैली के संदर्भ में कहा कि आज देश में राष्ट्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग हो रहा है और संविधान को तोड़ा-मरोड़ा जा रहा है। उन्होंने महंगाई बढ़ने, सार्वजनिक उपक्रमों को बेचने की प्रक्रिया और कांग्रेस नेताओं पर ईडी की छापेमारी की कड़ी आलोचना की।

झीरम घाटी हत्याकांड की याद दिलाते हुए कहा- सुरक्षा थी, फिर भी मारे गए
बघेल ने झीरम घाटी हत्याकांड की दुखद घटना को याद करते हुए कहा कि 25 मई 2013 को हुई नक्सली हिंसा में कांग्रेस के कई प्रमुख नेता मारे गए थे, और यह हमला भी सुरक्षा व्यवस्था की नाकामी को दर्शाता है।

नेशनल हेराल्ड और भाजपा के आरोपों पर बघेल की प्रतिक्रिया
नेशनल हेराल्ड से संबंधित आरोपों पर बघेल ने कहा कि यह पत्रिका देश की आज़ादी में एक अहम भूमिका निभा चुकी है और इस पर लगाए गए आरोप निराधार हैं। उन्होंने भाजपा के नेताओं द्वारा कांग्रेस के खिलाफ झूठे आरोप लगाने और अफवाह फैलाने की कोशिशों का भी विरोध किया।

संविधान बचाओ रैली की तैयारी
बघेल ने घोषणा की कि कांग्रेस पार्टी संविधान बचाओ रैली के तहत 40 दिनों तक कार्यक्रम आयोजित करेगी, जिसमें भाजपा की नीतियों और सरकार के दुरुपयोग पर सवाल उठाए जाएंगे।

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