बिलासपुर। नए शैक्षणिक सत्र के साथ निजी स्कूलों की मनमानी को लेकर अभिभावकों में नाराजगी बढ़ गई है। आरोप है कि कई स्कूल ड्रेस, किताबें और अन्य शैक्षणिक सामग्री केवल तय दुकानों से खरीदने का दबाव बना रहे हैं, जिससे अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
अभिभावकों का कहना है कि बाजार में वही सामान कम कीमत पर उपलब्ध होने के बावजूद उन्हें अधिक दाम पर खरीदारी करनी पड़ रही है। शिक्षा विभाग के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद कई निजी स्कूल इनका पालन नहीं कर रहे हैं। अभिभावकों ने प्रशासन पर भी कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया है।
इस मामले पर छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष राजा पांडेय ने कहा कि अनुदान प्राप्त स्कूलों में शासन की किताबें ही लागू होती हैं, जबकि निजी स्कूलों पर यह व्यवस्था लागू नहीं होने से वे मनमानी कर रहे हैं।pl

