बिलासपुर/रायपुर, 10 दिसंबर 2025: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक सनसनीखेज फैसले में पति को तलाक दे दी। शादी से पहले पत्नी द्वारा पीरियड्स (मासिक धर्म) की समस्या छिपाने को ‘मानसिक क्रूरता’ मानते हुए जस्टिस निशांत मिश्रा की बेंच ने कहा, “विवाह का आधार विश्वास है। छिपाई गई जानकारी से रिश्ता सुधारना असंभव।” पति ने याचिका दायर कर आरोप लगाया कि पत्नी ने जानबूझकर समस्या छिपाई, जिससे वैवाहिक जीवन नष्ट हो गया।
मामले का विवरण: शादी 2022 में हुई। पति (रायपुर निवासी, 35 वर्ष) ने बताया, “शादी से पहले पत्नी ने PCOS (पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम) की समस्या छिपाई। शादी के बाद पता चला, जिससे मानसिक तनाव हुआ। ये क्रूरता है।” पत्नी ने खंडन किया, “यह सामान्य समस्या है, छिपाना नहीं था।” फैमिली कोर्ट ने पहले तलाक खारिज किया था, लेकिन हाईकोर्ट ने अपील मंजूर की।
कोर्ट का तर्क: बेंच ने कहा, “मानसिक क्रूरता का आधार विश्वासघात है। अब रिश्ता टूट चुका, सुधार संभव नहीं।” पत्नी को मेंटेनेंस 5 लाख और संपत्ति हिस्सा दिया। वकील बोले, “यह फैसला विवाह पूर्व खुलासे पर जोर देता।”
मामले ने सामाजिक बहस छेड़ दी। विशेषज्ञ बोले, “स्वास्थ्य समस्या छिपाना गंभीर मुद्दा।”

