रायपुर। छत्तीसगढ़ में शासकीय अस्पतालों की पैथोलॉजी जांच का काम सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी हिंदुस्तान लाइफ केयर लिमिटेड (HLL) को सौंपे जाने के फैसले पर सियासी विवाद तेज हो गया है। कांग्रेस चिकित्सा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता ने इस प्रक्रिया को नियमों के खिलाफ बताया है।
उन्होंने कहा कि GFR 2017 और CVC के दिशा-निर्देशों के मुताबिक बिना टेंडर किसी PSU को सीधे काम देना सामान्यतः गलत है, जब तक कोई विशेष परिस्थिति न हो। उनके अनुसार इस मामले में न तो पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई गई और न ही किसी प्रकार का गैप एनालिसिस किया गया।
डॉ. गुप्ता ने यह भी सवाल उठाए कि जांच की लागत, निजी वेंडर की भूमिका और सरकारी संसाधनों व कर्मचारियों के भविष्य को लेकर कोई स्पष्टता नहीं है। उन्होंने राज्य सरकार पर पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाया है।