रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ 2024 के लिए फसलों का बीमा कराने की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 16 अगस्त 2024 कर दिया है। भारत सरकार ने भी सभी अधिसूचित फसलों के लिए ऋणी और अऋणी किसानों के नामांकन की कट ऑफ तिथि को 16 अगस्त तक बढ़ा दिया है।
किसानों के लिए बड़ी राहत:
यह निर्णय राज्य के किसानों के लिए एक बड़ी राहत है, क्योंकि अब उनके पास फसल बीमा कराने के लिए पर्याप्त समय होगा। इस योजना के तहत किसान मुख्य फसल धान (सिंचित और असिंचित), मक्का, मूंगफली, मूंग, उड़द, सोयाबीन, अरहर, कोदो, कुटकी और रागी का बीमा करा सकते हैं।
योजना के लाभ:
यह योजना किसानों को प्रतिकूल मौसम, सूखा, बाढ़, जलप्लावन, कीटव्याधि, ओलावृष्टि आदि प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद करती है।
कौन-कौन करा सकता है बीमा:
- ऋणी और अऋणी दोनों किसान इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।
- ऋणी किसानों के लिए योजना विकल्प चयन आधार पर क्रियान्वित होगी।
- गैर ऋणी किसान भी ऐच्छिक आधार पर इस योजना में शामिल हो सकते हैं।
प्रीमियम दरें:
किसानों को कुल बीमित राशि का 2 प्रतिशत प्रीमियम देना होगा। विभिन्न फसलों के लिए प्रीमियम दरें अलग-अलग निर्धारित की गई हैं।
कहां से कराएं बीमा:
किसान अपने फसलों का बीमा संबंधित बैंक, बीमा प्रदायक कंपनी (भारतीय कृषि बीमा कंपनी), लोक सेवा केंद्र, एआईडीई मोबाइल एप या समिति के माध्यम से करा सकते हैं।
जरूरी दस्तावेज:
- आधार कार्ड
- ऋण पुस्तिका
- बैंक पासबुक
- बुवाई प्रमाण पत्र
महत्वपूर्ण बातें:
- एक ही अधिसूचित क्षेत्र और अधिसूचित फसल के लिए अलग-अलग वित्तीय संस्थाओं से कृषि ऋण स्वीकृत होने की स्थिति में किसानों को एक ही स्थान से बीमा कराना होगा।
- एक ही रकबा, खसरा का दोहरा बीमा कराने पर केवल पहली प्रविष्टि ही स्वीकार की जाएगी।
अधिक जानकारी के लिए:
किसान देशव्यापी हेल्पलाइन नंबर 14447 और +91-18004190344 पर भी संपर्क कर सकते हैं।