धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 के विरोध में बस्तर में मसीह समाज का आंदोलन तेज

जगदलपुर। छत्तीसगढ़ में पारित धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 के विरोध में बस्तर में मसीह समाज का आंदोलन जारी है। इसी क्रम में समाज के प्रतिनिधियों ने राज्यपाल के नाम बस्तर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर कानून को संशोधन के लिए वापस भेजने की मांग की है।

मसीह समाज के उपाध्यक्ष नुकेश बघेल ने कहा कि यह कानून उनके समुदाय के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है और इसके दुरुपयोग की आशंका है। उन्होंने इसे संविधान के अनुच्छेद 25 के विरुद्ध बताते हुए मौलिक अधिकारों के हनन की बात कही।

वहीं, बिशप शमूएल सूना ने कहा कि मसीह समाज हमेशा सेवा कार्यों के लिए जाना जाता है, लेकिन इस कानून के लागू होने के बाद सेवा कार्यों को भी प्रलोभन के रूप में देखा जा सकता है, जिससे समाज में चिंता का माहौल है।

उपाध्यक्ष रत्नेश बेंजमिन ने कहा कि प्रदेश में धर्मांतरण के मामले बेहद कम हैं, इसके बावजूद सख्त कानून बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि शांतिप्रिय होने के बावजूद अब समाज को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है।

समाज ने चेतावनी दी है कि आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। 13 अप्रैल को संभाग स्तरीय प्रदर्शन किया जाएगा और राष्ट्रपति के नाम कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा जाएगा।

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