इंदौर: मध्य प्रदेश के इंदौर में नदी और नालों के किनारे बने 100 फीट तक के निर्माण को हटाने के प्रशासनिक आदेश को लेकर लोगों में भारी रोष है। “अपना घर बचाओ समिति” के बैनर तले आज बड़ी संख्या में लोगों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर उन्हें उचित मुआवजा और पुनर्वास की व्यवस्था दिए बिना उनके मकान हटाए गए तो वे आमरण अनशन करेंगे।
प्रशासन द्वारा जारी किए गए आदेशों के खिलाफ “अपना घर बचाओ समिति” ने विरोध प्रदर्शन किया। समिति के नेतृत्व में पीड़ित नागरिकों ने मां अहिल्या की प्रतिमा के पास धरना दिया और ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि कलेक्टर ने पानी की धाराओं को नदी बताते हुए और NGT के निर्देश का हवाला देकर धाराओं के दोनों ओर 100 फीट तक निर्माण हटाने का आदेश जारी कर दिया है। इसके विरोध में पीड़ितों ने राजवाड़ा पर मां अहिल्या के चरणों में ज्ञापन सौंपा है।
नागरिकों का कहना है कि उन्होंने कड़ी मेहनत से अपने घर और दुकानों का निर्माण किया है। लेकिन अब प्रशासन उन्हें बिना उचित मुआवजे और पुनर्वास के हटा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि प्रशासन की इस कार्रवाई से गरीब और पिछड़े वर्ग के लोग सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे।
“अपना घर बचाओ समिति” ने प्रशासन से अपील की है कि वे इस आदेश को वापस लें और प्रभावित लोगों को मुआवजा और पुनर्वास की उचित व्यवस्था करें। अगर प्रशासन ऐसा नहीं करता है तो आने वाले समय में बड़ी संख्या में लोग आमरण अनशन पर बैठेंगे।



