बिलासपुर। गुरु घासीदास विश्वविद्यालय के जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा 6 अप्रैल 2026 को राष्ट्रीय हैंड्स-ऑन कार्यशाला “प्लांट टिश्यू कल्चर एंटरप्रेन्योरशिप (PTCE-2026)” का उद्घाटन सत्र आयोजित किया गया। यह पाँच दिवसीय कार्यशाला 6 से 10 अप्रैल तक “लैब टू लैंड: नवाचार, स्टार्टअप्स और सतत कृषि-व्यवसाय” थीम पर केंद्रित है।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना से हुई। प्रो. रेनु भट्ट ने स्वागत भाषण में कार्यशाला के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला, वहीं समन्वयक डॉ. आशीष कुमार ने बताया कि इसका उद्देश्य लैब तकनीकों को कृषि व्यवसाय और उद्यमिता से जोड़ना है।
विशिष्ट वक्ता भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान के डॉ. संजीव कुमार ने गन्ना उत्पादन में टिश्यू कल्चर की भूमिका और MSME के जरिए स्टार्टअप अवसरों पर जानकारी दी। कुलपति प्रो. आलोक कुमार चक्रवाल ने वैश्विक वैज्ञानिक नवाचारों का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को अनुसंधान और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस दौरान कार्यशाला पुस्तिका का विमोचन किया गया और Vernonia amygdalina (बिटर लीफ) के टिश्यू कल्चर पौधों का रोपण भी आकर्षण का केंद्र रहा।

