बालोद। जिला कांग्रेस कमेटी के असंगठित समस्या निवारण प्रकोष्ठ की ओर से जारी पदाधिकारियों की सूची को लेकर सवाल उठने लगे हैं। सूची में उपाध्यक्ष, कोषाध्यक्ष, महासचिव, सचिव और कार्यकारिणी सदस्यों के नाम शामिल हैं। इसी सूची में एक ऐसे व्यक्ति का नाम भी सामने आया है, जिसकी कई साल पहले मौत हो चुकी है।
मामला ग्राम डोडीठेमा का है। सूची में जवाहर निर्मलकर का नाम सचिव पद पर दर्ज किया गया है। बताया जा रहा है कि जवाहर निर्मलकर का करीब 8 से 10 वर्ष पहले निधन हो चुका है। इसके बावजूद उनका नाम संगठन की पदाधिकारियों की सूची में शामिल किए जाने से सूची तैयार करने की प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं।
मामला सामने आने के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि पदाधिकारियों की सूची तैयार करने से पहले नामों का सत्यापन किस स्तर पर किया गया और मृत व्यक्ति का नाम सूची में कैसे शामिल हो गया।
इस संबंध में असंगठित समस्या निवारण प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष जीवराखन साहू ने बताया कि सूची क्षेत्र के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं से चर्चा के बाद तैयार की गई है। उनके अनुसार वरिष्ठ कार्यकर्ताओं से मिली जानकारी के आधार पर ही पदाधिकारियों के नाम तय किए गए थे।

