रायगढ़ में हाथियों का तांडव: मंडी तक पहुंचे गजराज, 17 बोरी धान चट किया; 11 किसानों की मेहनत पर फिरा पानी

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। भोजन की तलाश में अब जंगली हाथी रिहायशी इलाकों और खेतों को पार करते हुए सीधे धान मंडी तक पहुँच रहे हैं। बीती रात हाथियों के एक दल ने धान खरीदी केंद्र में धावा बोलकर 17 बोरी धान को बुरी तरह नुकसान पहुँचाया और काफी मात्रा में धान खा गए।

हाथियों के इस दल ने केवल मंडी ही नहीं, बल्कि आसपास के 11 किसानों की खड़ी फसल को भी पूरी तरह चौपट कर दिया है।

किसानों की बढ़ी चिंता

हाथियों द्वारा फसल रौंदे जाने से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। प्रभावित किसानों का कहना है कि उन्होंने साल भर खून-पसीना एक कर फसल तैयार की थी, जिसे हाथियों ने कुछ ही घंटों में बर्बाद कर दिया।

नुकसान का विवरण: मंडी में रखी 17 बोरियों के अलावा करीब 10-15 एकड़ की फसल प्रभावित हुई है।

मंडी में दहशत: धान केंद्रों पर तैनात चौकीदार और कर्मचारी भी हाथियों की मौजूदगी से डरे हुए हैं।

ग्रामीणों का हाल: शाम ढलते ही ग्रामीण घरों में दुबकने को मजबूर हैं, हाथियों का दल गांव की सीमा के पास ही डेरा जमाए हुए है।

वन विभाग की कार्रवाई

सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुँची और हाथियों की निगरानी शुरू कर दी है। विभाग ने प्रभावित किसानों को आश्वासन दिया है कि नुकसान का आकलन (सर्वे) करने के बाद जल्द ही मुआवज़ा प्रकरण तैयार किया जाएगा। साथ ही, मुनादी कराकर ग्रामीणों को जंगल की ओर न जाने और हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की हिदायत दी गई है।

You May Also Like

More From Author