नई दिल्ली: भारतीय रेलवे ने स्टेशनों के आसपास की खाली जमीन को निजी कंपनियों को 35 साल के लिए लीज पर देने की योजना को मंजूरी दी। इसका उद्देश्य PPP मॉडल से बुनियादी ढांचा मजबूत करना, यात्री सुविधाएं बढ़ाना और युवाओं को स्वरोजगार के अवसर देना। केंद्रीय कैबिनेट ने कार्गो टर्मिनल, अस्पताल, स्कूल जैसी परियोजनाओं के लिए रेलवे भूमि को लीज पर देने का फैसला लिया।
मुख्य प्रावधान:
- लीज अवधि: 35 वर्ष, बाजार मूल्य के 1.5% वार्षिक किराए पर। मौजूदा हितधारक पारदर्शी बोली से भाग ले सकेंगे।
- उपयोग: स्टेशनों से सटी 43,000 हेक्टेयर खाली जमीन पर होटल, दुकानें, मॉल, कार्गो सेंटर विकसित होंगे। RLDA 92 साइट्स को लीज पर देगी।
- स्वरोजगार फोकस: दावा-सुविधाओं (शॉपिंग, फूड कोर्ट) से हजारों नौकरियां। युवा उद्यमी स्टार्टअप्स चला सकेंगे, माल ढुलाई राजस्व बढ़ेगा।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव: “यह रेलवे की कमाई बढ़ाएगा, स्टेशन आधुनिक होंगे।” 62 स्टेशनों का रिडेवलपमेंट चल रहा। निजीकरण से 151 ट्रेनें भी 35 साल के लिए सौंपी जा रही। विपक्ष ने चिंता जताई- किराया बढ़ेगा।

