रायपुर। रायपुर रेंज साइबर थाने ने साइबर अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन साइबर शील्ड’ के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए दिल्ली से तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई रायपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) अमरेश मिश्रा के निर्देश पर की गई, जिन्होंने साइबर अपराधियों के खिलाफ तकनीकी साक्ष्य जुटाकर ठोस कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
यह मामला तब सामने आया जब रायपुर निवासी डॉ. प्रकाश गुप्ता ने आमनाका थाने में शिकायत दर्ज कराई कि शेयर ट्रेडिंग और मुनाफे के नाम पर उनसे 11 लाख रुपये की ठगी हुई है। शिकायत के आधार पर थाना आमनाका में अपराध क्रमांक 433/24, धारा 420, 34, 467, 468, 471 भादवि के तहत मामला दर्ज किया गया था। प्रारंभिक जांच में दिल्ली के चार आरोपियों—पवन सिंह, गगनदीप शर्मा, राजवीर सिंह और संदीप रात्रा—को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था।
ऑपरेशन साइबर शील्ड: दिल्ली में ताबड़तोड़ छापेमारी
आईजी अमरेश मिश्रा के मार्गदर्शन में साइबर पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण के जरिए तीन मुख्य आरोपियों की पहचान की। इसके बाद विशेष टीम ने दिल्ली के तीन अलग-अलग इलाकों में छापेमारी कर हिमांशु तनेजा (29), गणेश कुमार (37) और अंकुश (26) को गिरफ्तार कर लिया।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने फर्जी आधार कार्ड, कंप्यूटर, स्कैनर, प्रिंटर समेत कई दस्तावेज जब्त किए। साथ ही, साइबर ठगी से अर्जित रकम से खरीदी गई संपत्तियों का भी पता लगाया गया। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे फर्जी कंपनियों के नाम पर बैंक खाते खोलकर फॉरेक्स ट्रेडिंग के जरिए रकम विदेश भेजते और फिर वापस प्राप्त कर लेते थे।
आरोपियों की संपत्ति जब्ती की प्रक्रिया शुरू
पुलिस ने अपराध से अर्जित संपत्ति के दस्तावेज जब्त कर लिए हैं और उन्हें अटैच करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।
गिरफ्तार आरोपी:
- हिमांशु तनेजा (29 वर्ष): 11/07, शालीमार बाग, थाना शालीमार बाग, वेस्ट दिल्ली
- गणेश कुमार (37 वर्ष): जनकपुरी बी-01, वेस्ट दिल्ली; वर्तमान पता: डाबरी एक्सटेंशन, ईस्ट दिल्ली
- अंकुश (26 वर्ष): मकान नंबर 57, डेयरी वसंत कुंज, मसूदपुर, साउथ वेस्ट दिल्ली

