रायपुर। जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय में 17 जनवरी को लगी आग में छात्रवृत्ति, मध्यान्ह भोजन, अनुकंपा नियुक्ति, मान्यता, वित्त, पेंशन, RTE सहित 2025 तक की लगभग सभी महत्वपूर्ण फाइलें जलकर खाक हो गईं, जबकि अधिकारियों-कर्मचारियों की सेवा पुस्तिकाएं सुरक्षित बच गईं, जिससे पूरे मामले पर सवाल खड़े हो गए हैं।
तीन सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट आ चुकी है, लेकिन न कोई प्रत्यक्षदर्शी मिला और न ठोस साक्ष्य। फोरेंसिक जांच जारी है। पेरेंट्स एसोसिएशन और शिक्षक संगठनों ने आग को संदिग्ध बताते हुए उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि रिपोर्ट अभी पढ़ी नहीं है, उसके बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।

