छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा को लेकर उत्साह चरम पर है। इस साल रथ यात्रा 7 जुलाई को निकाली जाएगी।
इस बार रथ यात्रा कुछ खास होने वाली है। 40 साल बाद पहली बार भगवान जगन्नाथ के रथ का स्वरूप बदला जा रहा है। नया रथ पूरी तरह से नई तकनीक और डिजाइन के साथ तैयार किया जा रहा है।
रथ निर्माण की विशेषताएं:
- नई तकनीक: रथ में स्टीयरिंग और ब्रेक की सुविधा होगी, जिससे इसे आसानी से मोड़ा और नियंत्रित किया जा सकेगा। यह भारी भीड़ के बीच रथ को चलाने में आसानी प्रदान करेगा और दुर्घटनाओं को रोकने में मदद करेगा।
- टिकाऊ निर्माण: रथ को ढाई क्विंटल नीम और सराई की लकड़ी से बनाया जा रहा है, जो इसे मजबूत और टिकाऊ बनाता है।
- विशेष नक्काशी: रथ और पहियों पर कलात्मक नक्काशी की जाएगी, जो इसकी सुंदरता को बढ़ा देगी।
- भव्यता: रथ 17 फीट ऊँचा होगा और इसका वजन 2500 किलोग्राम होगा। यह 1000 किलोग्राम तक का भार उठा सकेगा।
- दीर्घायु: रथ को इस तरह से बनाया जा रहा है कि इसका उपयोग अगले 70 सालों तक किया जा सके।
रथ का निर्माण 9 अप्रैल से शुरू किया गया था और मई के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है। मुस्लिम कारीगर हबीब खान और उनके बेटे रियाज खान इस रथ को बनाने का काम कर रहे हैं। इनके पास रथ निर्माण का 40 साल का अनुभव है और उन्होंने पहले भी नागपुर और गोंदिया में रथ तैयार किए हैं।
यह रथ पूरी तरह से हिंदू धार्मिक परंपराओं के अनुसार बनाया जा रहा है। रथ यात्रा भगवान जगन्नाथ, उनके भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की वार्षिक यात्रा का उत्सव है। यह यात्रा भगवान विष्णु के अवतारों में से एक, भगवान जगन्नाथ की याद में मनाई जाती है।
रायपुर में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा इस साल विशेष रूप से महत्वपूर्ण होने वाली है। नया रथ न केवल भव्य और आकर्षक होगा, बल्कि यह आधुनिक तकनीक से भी लैस होगा। यह रथ यात्रा के उत्सव को और भी अधिक यादगार बना देगा।

