रायपुर के कैदी को 800 गीता श्लोक कंठस्थ: वासुदेव देश के पहले बंदी जिन्हें गीता-व्रती की उपाधि, परिवार-दोस्तों ने साथ छोड़ा, गीता बनी सहारा

रायपुर, 15 जनवरी 2026: रायपुर सेंट्रल जेल के कैदी वासुदेव ने भगवद्गीता के 800 श्लोक कंठस्थ कर इतिहास रच दिया। वे देश के पहले बंदी हैं जिन्हें ‘गीता व्रती’ की उपाधि मिली। 0 हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे वासुदेव को परिवार और दोस्तों ने त्याग दिया था। जेल की गीता कक्षाओं से उन्होंने श्लोक सीखे, जो उनके लिए सहारा बने। 0

वासुदेव ने कहा, “गीता ने मुझे नई दिशा दी।” जेल अधीक्षक ने उपाधि प्रदान की। अपडेट के लिए बने रहें।

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