रायपुर: राजधानी रायपुर के रहवासियों के लिए एक ऐसी खबर आई है जो राहत से ज्यादा चिंता का विषय हो सकती है। छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड और रायपुर विकास प्राधिकरण (RDA) की 11 बड़ी कॉलोनियों को अब सीधे नगर निगम के हवाले किया जा रहा है। पेच यह है कि ये कॉलोनियां फिलहाल बेहद बदहाल स्थिति में हैं, जिन्हें उसी हाल में निगम को ‘थमाया’ जा रहा है।
निगम की बढ़ी मुसीबत, जनता का क्या होगा?
नियमों के मुताबिक, कॉलोनियों के हस्तांतरण (Handover) से पहले वहां की सड़कें, नालियां, स्ट्रीट लाइट और पानी की व्यवस्था दुरुस्त होनी चाहिए। लेकिन सूत्रों की मानें तो हाउसिंग बोर्ड और RDA ने इन बुनियादी सुविधाओं को सुधारे बिना ही फाइलें निगम को सौंप दी हैं।
• मेंटेनेंस का संकट: अब इन कॉलोनियों की टूटी सड़कों और चोक नालियों को ठीक करने का भारी-भरकम खर्च नगर निगम के बजट पर आएगा।
• बजट का अभाव: निगम पहले ही फंड की कमी से जूझ रहा है, ऐसे में 11 नई कॉलोनियों का रखरखाव करना एक बड़ी चुनौती होगी।
इन कॉलोनियों पर पड़ेगा सीधा असर:
हस्तांतरण की इस लिस्ट में शहर के विभिन्न कोनों में स्थित हाउसिंग बोर्ड और RDA की प्रमुख कॉलोनियां शामिल हैं।
• खराब सड़कें: कई कॉलोनियों में डामर का नामोनिशान मिट चुका है।
• स्ट्रीट लाइट: अंधेरे में डूबी गलियों की शिकायतें लंबे समय से लंबित हैं।
• साफ-सफाई: कचरा कलेक्शन और ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह चरमराया हुआ है।