राजनांदगांव। जिले में राजस्व प्रकरणों के समयबद्ध निराकरण को लेकर प्रशासन की मॉनिटरिंग का असर दिखाई दे रहा है। राजस्व वर्ष 2026 में 37,306 प्रकरण दर्ज हुए, जिनमें से 34,939 मामलों का निराकरण किया गया। कुल निराकरण दर 93.66 प्रतिशत रही।
विवादित नामांतरण के मामलों में निराकरण दर 2025 के 68.49 प्रतिशत से बढ़कर 2026 में 94.82 प्रतिशत हो गई। वहीं विवादित खाता विभाजन के मामलों में यह दर 72.53 प्रतिशत से बढ़कर 95.70 प्रतिशत पहुंची।
प्रशासन की ओर से राजस्व शिविर, नियमित सुनवाई और लंबित मामलों की लगातार समीक्षा की गई। पंचायत स्तर पर भी शिविर लगाकर ग्रामीणों को उनके गांव के आसपास राजस्व सेवाएं उपलब्ध कराई गईं, जिससे तहसील और जिला कार्यालयों के चक्कर कम करने में मदद मिली।
इसके अलावा सीमांकन, व्यपवर्तन, वृक्ष कटाई की अनुमति और भू-अभिलेख प्रविष्टि सुधार जैसे मामलों में भी बड़ी संख्या में प्रकरणों का निराकरण किया गया है।

