वित्तीय वर्ष 2023-24 के अंतिम दिन रविवार को प्रदेश के सभी पंजीयन कार्यालय देर रात तक खुले रहे। रायपुर के कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित पंजीयन कार्यालय में भी जमीन की रजिस्ट्री कराने लोगों की भीड़ लगी रही। यहां रात 1 बजे तक रजिस्ट्री का काम हुआ।
एक दिन में ही रायपुर में 15 करोड़ राजस्व की प्राप्त हुई है। पिछले बार 9 करोड़ का ही राजस्व की प्राप्ति हुई थी। बता दें कि 2022-23 वित्तीय वर्ष में 94 करोड़, 18 लाख से ज्यादा की आय हुई थी। वहीं 2023-24 में 1 अरब 22 करोड़ से ज्यादा का राजस्व मिला है।
1 अप्रैल से 34% प्रतिशत छूट बंद होने का असर जनता की जेब पर पड़ेगा। आम जनता को 10 लाख की जमीन खरीदने पर एक लाख 10 हजार से ज्यादा स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्री शुल्क देना पड़ेगा। 30 फीसदी गाइडलाइन की छूट समाप्त करने से किसानों को लाभ मिलेगा, जबकि अधिग्रहण के मामले में 30 फीसदी छूट का कोई असर पहले भी नहीं पड़ता था, अब भी नहीं पड़ेगा।
प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद 25 जुलाई 2019 को कलेक्टर गाइडलाइंस में 30% की छूट का आदेश राज्य भर में लागू किया गया था। इससे 5 सालों में ज़मीन की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुए यानी 1 करोड़ की ज़मीन 70 लाख में खरीदी जाती थी, लेकिन अब प्रदेश की सरकार ने 1 अप्रैल 2024 से इस आदेश को आगे जारी न रखने का फ़ैसला कर लिया है, जिससे अब प्लॉट, ज़मीन और मकान की कीमतें भी बढ़ जाएंगी।