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3 साल तक बनती रही कमेटी, 2 बच्चों की मां की 14 बार शादी दिखा कर निकाले 91 लाख; 7 दिन में मांगी गई जांच रिपोर्ट

सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार के अजीबोगरीब मामले अक्सर सामने आते रहते हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसे जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना (Chief Minister Collective Marriage Scheme) के तहत एक ही महिला (दो बच्चों की मां) की कागजों पर कथित तौर पर 14 बार शादी करवा दी गई और इसके नाम पर सरकारी खजाने से 91 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि निकाल ली गई। इस गंभीर वित्तीय घोटाले में लीपापोती और फाइलों को दबाने के लिए लगातार 3 साल तक कमेटियां बनती रहीं, लेकिन अब प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए महज 7 दिन के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट तलब की है।

कैसे खुला फर्जीवाड़े का राज?

जांच में खुलासा हुआ है कि योजना के तहत मिलने वाली अनुदान राशि को हड़पने के लिए बिचौलियों और भ्रष्ट अधिकारियों ने मिलकर मृत, पहले से विवाहित और दो-दो बच्चों की माताओं को दोबारा कुंवारी या पात्र दिखाकर उनकी फर्जी शादियां कागजों पर दर्ज करवा दीं। एक ही लाभार्थी के नाम और दस्तावेजों में हेरफेर करके अलग-अलग ब्लॉकों से कई बार योजना का लाभ ले लिया गया। जब मामले की भनक उच्च अधिकारियों को लगी, तो जांच के नाम पर फाइलों को लटकाने का खेल शुरू हो गया और लगभग 3 साल तक सिर्फ कमेटियों का गठन ही होता रहा।

7 दिन के भीतर सख्त एक्शन की तैयारी

मामले के तूल पकड़ने और मीडिया में रिपोर्ट आने के बाद शासन स्तर पर हड़कंप मच गया है। अब प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस पूरे घोटाले में शामिल मुख्य साजिशकर्ताओं, अधिकारियों और कर्मचारियों की संलिप्तता की जांच करके 7 दिनों के भीतर फाइनल रिपोर्ट सौंपी जाए। दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई और रिकवरी के आदेश दिए गए हैं।

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