बिलासपुर: न्यायधानी बिलासपुर शहर की सफाई व्यवस्था बुधवार को पूरी तरह ठप रही। इसका मुख्य कारण है नगर निगम के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल। दो महीने से वेतन न मिलने से परेशान सफाई कर्मचारी आज से हड़ताल पर उतर आए हैं।
बिलासपुर नगर निगम क्षेत्र में सफाई का ठेका दिल्ली की लायन्स सर्विस कंपनी के पास है। इस कंपनी के करीब 800 सफाई कर्मचारी शहर की सफाई व्यवस्था को संभालते हैं। इन कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें दो महीने से वेतन नहीं मिला है, जिसके कारण उन्हें अपने परिवार का भरण-पोषण करने में काफी दिक्कत हो रही है।
सफाई कर्मचारी महज 8 हजार रुपए का मासिक वेतन पाते हैं। वे अपनी मेहनताना बढ़ाने की मांग भी कर रहे हैं। वेतन कम होने और बकाया वेतन न मिलने से कर्मचारियों में काफी रोष है।
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण शहर की सड़कों पर झाड़ू नहीं लगा है और न ही वार्डों में नालियों की सफाई हो रही है। कचरे के ढेर सड़कों पर दिखाई दे रहे हैं और नालियां गंदगी से भर गई हैं। जिससे शहर की साफ-सफाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है।
सफाई कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होतीं, तब तक वे हड़ताल पर रहेंगे और शहर की सफाई व्यवस्था ठप रहेगी। उन्होंने मांग की है कि उनका बकाया वेतन जल्द से जल्द दिया जाए और उनका वेतन बढ़ाया जाए।
हड़ताल से जनजीवन प्रभावित
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से शहर के लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। लोग गंदगी और बदबू से परेशान हैं। व्यापारियों का कहना है कि गंदगी के कारण ग्राहकों में आना-जाना कम हो गया है, जिससे उनका कारोबार प्रभावित हो रहा है।
नगर निगम की क्या है प्रतिक्रिया
नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि वे सफाई कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे जल्द ही सफाई कर्मचारियों से बातचीत करेंगे और उनकी मांगों पर विचार करेंगे।
शहरवासी परेशान
शहरवासी इस समस्या से काफी परेशान हैं। वे चाहते हैं कि नगर निगम और ठेकेदार कंपनी जल्द से जल्द सफाई कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करें और शहर की सफाई व्यवस्था को बहाल करें।

