तखतपुर। छत्तीसगढ़ के तखतपुर से एक बेहद संवेदनशील और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एसडीएम कार्यालय की लापरवाही के चलते एक बेजुबान कुत्ता दफ्तर के अंदर पूरी रात कैद रहा और भूख-प्यास से बिलखता रहा। राहगीरों ने उसकी कराहने की आवाजें सुनकर खिड़की से बिस्किट खिलाकर उसकी जान बचाई। अब इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और प्रशासन पर सवालों की बौछार हो रही है।
प्रशासन की नींद में लिपटी संवेदनहीनता
घटना दो-तीन दिन पुरानी बताई जा रही है, लेकिन इससे जुड़े वीडियो और चश्मदीदों के बयान अब सामने आ रहे हैं। बताया गया कि कुत्ता ऑफिस के भीतर किसी तरह बंद हो गया था और रातभर वहीं तड़पता रहा। उसकी रोने और कराहने की आवाजें ऑफिस के बाहर सुनाई देती रहीं, लेकिन जिम्मेदार अफसरों को इसकी भनक तक नहीं लगी।
राहगीरों की संवेदनशीलता बनी जीवनरक्षक
रात के समय जब कुछ राहगीरों ने अंदर से लगातार आ रही आवाजें सुनीं तो खिड़की से झांक कर देखा और अंदर फंसे कुत्ते को बिस्किट खिलाकर उसकी जान बचाई। जानवरों के प्रति इस अमानवीय व्यवहार की पशु प्रेमी और आमजन तीखी आलोचना कर रहे हैं।
सोशल मीडिया पर उठ रहे तीखे सवाल
इस घटना ने सरकारी दफ्तरों की संवेदनशीलता और जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोग पूछ रहे हैं कि क्या किसी बेजुबान की जान की कोई कीमत नहीं है? क्या यह वही प्रशासन है जिसे जनता की सेवा का जिम्मा सौंपा गया है?
अब तक नहीं आई कोई सफाई
मामले को लेकर अब तक किसी जिम्मेदार अधिकारी की कोई सफाई सामने नहीं आई है। लेकिन सोशल मीडिया पर उठ रहे सवालों और वायरल हो रहे वीडियो ने प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया है।