Baloda Bazar : जिले में बढ़ते अपराधों के बीच पुलिस ने चोरी की मोटरसाइकिलों को फर्जी कागजात के जरिए बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। निपनिया पुलिस ने इस गिरोह का पर्दाफाश किया, जो चोरी की गई मोटरसाइकिलों के जाली दस्तावेज बनाकर उन्हें बेचने का कार्य कर रहा था।
मामले की शुरुआत तब हुई जब भाटापारा ग्रामीण थाने में तरुण कुमार वर्मा नामक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई। तरुण ने बताया कि उसकी मोपका गांव में “तरुण ऑटो पार्ट्स” नामक दुकान है। उसकी भाटापारा के भगत सिंह वार्ड निवासी अमन खान से जान-पहचान थी, जिसकी भी एक ऑटो पार्ट्स की दुकान है। अमन खान और उसका साथी सब्दर अली, दोनों निवासी भाटापारा, ने तरुण को पुरानी मोटरसाइकिल खरीदने-बेचने का सुझाव दिया। इस दौरान, तरुण ने दोनों व्यक्तियों से अपनी जरूरत के लिए दो पुरानी मोटरसाइकिल खरीदी।
तरुण ने अपनी शिकायत में बताया कि खरीदारी के वक्त अमन खान ने उसे दोनों मोटरसाइकिलों का आरसी कार्ड दिया था, जिन पर मालिक के रूप में झम्मन यादव और दुर्गेश निषाद के नाम अंकित थे। अमन खान और सब्दर अली ने तरुण को आश्वासन दिया कि जल्द ही वे नाम ट्रांसफर करवा देंगे। लेकिन, चार महीने बीत जाने पर भी नाम ट्रांसफर नहीं हुआ। इसके बाद, तरुण ने खुद आरटीओ कार्यालय जाकर जानकारी ली, जहां उसे पता चला कि दोनों मोटरसाइकिल वास्तव में किसी अन्य व्यक्तियों के नाम से पंजीकृत थीं। इस खुलासे के बाद तरुण को समझ में आया कि अमन खान और सब्दर अली ने फर्जी आरसी कार्ड बनाकर उसे चोरी की गई गाड़ियां बेची थीं।
तरुण की शिकायत के आधार पर पुलिस ने 5 अप्रैल 2024 को अमन खान, सब्दर अली समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 210/2024 के तहत आईपीसी की धारा 379, 420, 467, 468, 470, 471, 413, 34 और 120बी, 414 के तहत मामला दर्ज किया और जांच शुरू की। विवेचना के दौरान पुलिस ने एक अपचारी बालक सहित कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
आगे की जांच में दो और आवेदकों ने इसी तरह से मोटरसाइकिल खरीदने के बाद नाम ट्रांसफर नहीं होने की शिकायत की। इसके आधार पर निपनिया पुलिस सहायता केंद्र ने बोरसी गांव निवासी शेषराम यदू (24 वर्ष) को भी गिरफ्तार किया। पूछताछ में शेषराम ने स्वीकार किया कि वह पहले से गिरफ्तार आरोपियों के साथ मिलकर चोरी की मोटरसाइकिल खरीदता था और उनके फर्जी दस्तावेज तैयार करता था। पुलिस ने शेषराम के पास से 8 मोटरसाइकिल (एक स्कूटी सहित) बरामद की और उसे भी अदालत में पेश कर जेल भेज दिया।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ऐश्वर्य चंद्राकर ने जनता से अपील की है कि वे कम कीमत के लालच में आकर पुरानी मोटरसाइकिल खरीदने से पहले उसके दस्तावेजों की जांच आरटीओ कार्यालय और संबंधित थाने में अवश्य करवाएं।