रायपुर। लोकमाता महारानी अहिल्याबाई होल्कर की 301वीं जयंती के अवसर पर राजधानी रायपुर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसी क्रम में चंगोराभाठा स्थित पाल परिवार ने संतोष पाल के नेतृत्व में डगानिया तालाब के पास राहगीरों के लिए शरबत वितरण कार्यक्रम आयोजित किया।
भीषण गर्मी और नौतपा के दौरान आयोजित इस सेवा कार्य में बड़ी संख्या में लोगों ने शरबत ग्रहण कर राहत महसूस की। इस अवसर पर पाल परिवार के सदस्यों ने लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के जीवन, उनके आदर्शों और समाज के लिए किए गए कार्यों को याद किया।
कार्यक्रम में बताया गया कि अहिल्याबाई होल्कर ने वर्ष 1767 से 1795 तक लगभग 28 वर्षों तक मालवा पर शासन किया। उनके शासनकाल में प्रजा सुखी और समृद्ध रही। वे स्वयं जनता की समस्याएं सुनती थीं, जिसके कारण उन्हें ‘लोकमाता’ की उपाधि मिली।
वक्ताओं ने कहा कि अहिल्याबाई होल्कर ने प्रशासनिक कुशलता के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण को भी बढ़ावा दिया। उन्होंने महेश्वरी साड़ी उद्योग और हथकरघा व्यवसाय को प्रोत्साहित कर हजारों महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य किया। कार्यक्रम में युवाओं को उनके जीवन से प्रेरणा लेकर समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का संदेश दिया गया।

