रायपुर | 03 सितंबर 2026 | नगर निगम के सॉलिड लिक्विड रिसोर्स मैनेजमेंट (SLRM) सेंटर में सरकारी नियमों की धज्जियां उड़ाने का एक शर्मनाक मामला सामने आया है। स्वच्छता दीदियों और कचरा प्रबंधन के लिए बनाए गए सेंटर के भीतर एक जिम्मेदार नगर निगम अधिकारी का मिथुन चक्रवर्ती के मशहूर गाने ‘आई एम ए डिस्को डांसर’ पर ठुमके लगाने का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। वीडियो में साहब सिर पर गमछा बांधकर और आंखों पर चश्मा चढ़ाकर कर्मचारियों संग थिरकते दिख रहे हैं। आरोप है कि सेंटर में काम के घंटों के दौरान शराब पार्टी भी की गई थी। मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंचते ही नगर निगम आयुक्त ने संबंधित अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी कर 24 घंटे में जवाब तलब किया है।
SLRM सेंटर में डिस्को डांसर गाने पर अधिकारी का डांस, वायरल हुआ क्लिप
वायरल हो रहे वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि स्वच्छता व्यवस्था की निगरानी करने वाले अधिकारी मर्यादा भूलकर कर्मचारियों के साथ फिल्मी धुनों पर नाच रहे हैं। कार्यस्थल पर जहां दिन-रात शहर के कचरा पृथक्करण का काम होना चाहिए, वहां जश्न का माहौल बना हुआ था। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, पार्टी के दौरान टेबल पर नमकीन और डिस्पोजल गिलासों के साथ शराब परोसने के भी आरोप लग रहे हैं। किसी कर्मचारी ने इस पूरी अय्याशी का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया, जिसके बाद यह तेजी से फैल गया।
आयुक्त ने लिया कड़ा संज्ञान, 24 घंटे में मांगा स्पष्टीकरण
वीडियो वायरल होते ही नगर पालिक निगम के प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया। नगर निगम आयुक्त ने मामले को गंभीर कदाचार और सेवा नियमों का खुला उल्लंघन मानते हुए तत्काल संज्ञान लिया। आयुक्त ने संबंधित अधिकारी को शो-कॉज नोटिस थमाते हुए पूछा है कि सरकारी दफ्तर परिसर में इस प्रकार की अनुशासनहीनता और अनैतिक गतिविधि के लिए क्यों न उनके खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
विपक्ष ने उठाए सवाल, निलंबन की मांग
इस घटना को लेकर नागरिक संगठनों और विपक्षी दलों ने भी निगम प्रशासन को आड़े हाथों लिया है। उनका कहना है कि जिन केंद्रों पर करोड़ों रुपये खर्च कर स्वच्छता का मॉडल तैयार किया जा रहा है, वहां अधिकारियों की ऐसी गैर-जिम्मेदाराना हरकतें पूरे शहर की छवि को धूमिल करती हैं। स्थानीय पार्षदों ने दोषी अधिकारी के खिलाफ तत्काल निलंबन और विभागीय जांच बैठाने की मांग की है ताकि भविष्य में कोई दूसरा अधिकारी सरकारी कार्यालयों को मौज-मस्ती का अड्डा न बना सके।

