रायपुर: चर्चित आबकारी घोटाले में आरोपी निलंबित अफसर सौम्या चौरसिया और के.के. श्रीवास्तव को जमानत मिलने के बाद सेंट्रल जेल से रिहा कर दिया गया। ईओडब्ल्यू द्वारा 1500 पेज का पूरक चालान पेश किए जाने के बाद हाईकोर्ट के निर्देश अनुसार दोनों को बेल मिली।
इस घोटाले में अब तक 51 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है। जांच एजेंसियों के अनुसार, फर्जी होलोग्राम के जरिए बिना एक्साइज ड्यूटी शराब बेचकर शासन को भारी नुकसान पहुंचाया गया।
चालान में सौम्या चौरसिया पर पद का दुरुपयोग कर सिंडिकेट को संरक्षण देने और के.के. श्रीवास्तव पर अवैध उगाही व धन के प्रबंधन में भूमिका निभाने के आरोप लगाए गए हैं।
जेल से बाहर आने के बाद के.के. श्रीवास्तव ने खुद को तांत्रिक मानने से इनकार किया और कहा कि मामला अदालत में है, इसलिए वह इस पर टिप्पणी नहीं करेंगे।



