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कथावाचक पं. प्रदीप मिश्रा ने कही चार बच्चे पैदा करने की बात, दो परिवार के लिए और दो….

रायपुर (छत्तीसगढ़): प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने शनिवार को रायपुर में पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी राय रखी।

परिवार में 4 बच्चे: पंडित मिश्रा ने परिवार में 4 बच्चों की वकालत की। उन्होंने कहा कि 2 बच्चे परिवार के लिए और 2 बच्चे सनातन धर्म को बचाने के लिए आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि कम बच्चों से हिंदुओं की संख्या कम हो रही है, जिससे धर्म को खतरा है।

बच्चों की संख्या पर कानून: बच्चों की संख्या को लेकर कानून लाए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि जब इस पर कानून लाया जाएगा तब देखेंगे। उन्होंने कहा कि अभी इस पर विचार करने की आवश्यकता है।

लड़के-लड़कियों की शादी: उन्होंने लड़के-लड़कियों से माता-पिता के कहे अनुरूप विवाह करने की बात कही। उन्होंने कहा कि प्रेम विवाह का विरोध नहीं है, लेकिन लव जिहाद का विरोध जरूर है। उन्होंने कहा कि विवाह करें मना नहीं है, लेकिन लड़का-लड़की के अनुकूल होना चाहिए।

धर्म और राजनीति: राजनीति में धर्म के उपयोग पर उन्होंने कहा कि धर्म में राजनीति और राजनीति में धर्म चलता आया है। उन्होंने कहा कि धर्म का उपयोग गलत नहीं है, लेकिन इसका दुरुपयोग नहीं होना चाहिए।

सत्ता का सिंहासन: सत्ता के सिंहासन में किसको देखने के सवाल पर उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार और धर्म को आगे बढ़ाने वालों को मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश को ऐसे लोगों की आवश्यकता है जो युवाओं को रोजगार दे सकें और धर्म की रक्षा कर सकें।

आने वाला समय: उन्होंने कहा कि आने वाला समय अच्छा होगा। उन्होंने कहा कि भारत हिंदू राष्ट्र वैसे भी है। उन्होंने कहा कि सभी देवताओं का निवास भारत में है और सभी देवताओं की पूजा भारत में की जाती है।

नक्सलवाद: नक्सलवाद का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इससे मुक्ति के लिए सरकार लगी है। उन्होंने पत्रकारों से आग्रह किया कि वे अपनी कलम का उपयोग नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में करें। उन्होंने नक्सलियों से राष्ट्रहित में काम करने का आह्वान किया।

धर्मांतरण: धर्मांतरण पर उन्होंने कहा कि जो जहां है, अपने धर्म में रहो, अपने धर्म का पालन करो। उन्होंने कहा कि धर्मांतरण रोकने के लिए लोगों को जागरूक करना होगा। उन्होंने कहा कि अगर संविधान के हिसाब से चलता है, धर्मांतरण रुक सकता है।

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