डोंगरगढ़ आरपीएफ पोस्ट से एक शातिर अपराधी के दो बार फरार होने का मामला सामने आया है। यह घटना 27 अगस्त को हुई थी जब एक व्यक्ति को सिग्नल गुमटी में तोड़फोड़ करते हुए पकड़ा गया था। आरोपी को गिरफ्तार कर आरपीएफ पोस्ट लाया गया था, लेकिन बाद में वह वहां से फरार हो गया।
पहली बार फरार
27 अगस्त को आरपीएफ को सूचना मिली कि एक सिग्नल गुमटी का ताला टूटा हुआ है। मौके पर पहुंची आरपीएफ टीम ने गुमटी के अंदर से गिरवर यादव नामक एक व्यक्ति को पकड़ा। आरोपी पर सिग्नल उपकरण से छेड़छाड़ करने का आरोप लगाते हुए उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया। लेकिन सुबह करीब 5:30 बजे आरोपी आरपीएफ पोस्ट से फरार हो गया।
दूसरी बार फरार
आरपीएफ अधिकारियों ने आरोपी को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान चलाया और कुछ घंटों बाद उसे रायपुर एम्स के पास से गिरफ्तार कर लिया। लेकिन इस बार भी आरोपी आरपीएफ स्टाफ को चकमा देकर फरार हो गया। सूत्रों के मुताबिक, आरोपी ने आरपीएफ स्टाफ के हाथ काटकर भागने में सफल रहा।
आरपीएफ का इनकार
हालांकि, डोंगरगढ़ आरपीएफ पोस्ट के प्रभारी ने दूसरी बार आरोपी के भागने की बात से इनकार किया है। लेकिन स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स और सूत्रों ने इस घटना की पुष्टि की है।
पुलिस की कार्रवाई पर सवाल
इस घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिरकार एक ही आरोपी दो बार कैसे आरपीएफ की गिरफ्त से बच पाया? क्या आरपीएफ स्टाफ की लापरवाही के कारण यह घटना हुई? इन सवालों के जवाब तलाशने के लिए एक उच्च स्तरीय जांच की मांग उठ रही है।