भोपाल के एक मैरिज गार्डन की दिलचस्प कहानी सामने आई है। नगर निगम ने संपत्ति कर नहीं चुकाने पर इस गार्डन को सील कर दिया था। लेकिन, गार्डन संचालक चोरी-छिपे यहां आयोजन कर रहा था। नगर निगम को इसकी भनक लग गई और वह मुआयना करने गार्डन पहुंची। पकड़े जाने पर गार्डन संचालक ने पूरा दोष चिड़ियों पर मढ़ दिया।
दरअसल, नगर निगम द्वारा 82 लाख रुपये का संपत्तिकर बकाया होने के कारण कुर्की की गई थी। लेकिन, गार्डन संचालक ने संपत्तिकर जमा करने की बजाए उल्टे ताला तोड़कर गार्डन को फिर से खोल दिया। जब निगम अमले ने पूछताछ की तो संचालक ने कहा कि “चिड़ियाएं ताले पर बैठती थीं, उन्हीं ने सील वाले कपड़े को फाड़ दिया।”
यह तर्क सुनकर नगर निगम के अफसर भी सकते में आ गए। संचालक यह भी नहीं बता सका कि जिस संपत्ति को सील किया जा चुका है, वहां पर बर्थ पार्टी व विवाह जैसे आयोजन कैसे हो रहे थे? यह स्पष्ट है कि गार्डन संचालक नियमों का उल्लंघन कर रहा था और नगर निगम को गुमराह करने की कोशिश कर रहा था।
निगम की टीम उसकी चालाकी में नहीं फंसी। टीम ने गार्डन का मुआयना किया तो वहां शादी समारोह की तैयारी चल रही थी। सजावट, कुर्सियां, खाना-पीना, सब कुछ तैयार था। यह देखकर निगम की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए गार्डन को दोबारा सील कर दिया।

