छत्तीसगढ़: बालोद जिले के एक किसान को मृत मानकर केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan) की किस्त रोक दी गई है। किसान अब अपने जीवित होने का प्रमाण पत्र लेकर कार्यालयों का चक्कर लगाने को मजबूर है।
जिले के गुरुर तहसील के ग्राम भोथली निवासी अखिलानंद साहू ने बताया कि उन्हें कोरोना काल से पहले तक PM-Kisan योजना के तहत हर 4 महीने में 2-2 हजार रुपये की पांच किस्तें, यानी कुल 10 हजार रुपये मिलते थे। लेकिन, 2021 में कोरोना के बाद से उन्हें राशि मिलना बंद हो गया।
जब उन्होंने अधिकारियों से जानकारी चाही, तो उन्हें बताया गया कि वे योजना के रिकॉर्ड में मृत दर्ज हैं। इस वजह से उनकी सम्मान निधि की किस्त रोक दी गई है। इसके बाद से वे स्वयं के जीवित होने का प्रमाण पत्र लेकर अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं।
अखिलानंद साहू ने कलेक्ट्रेट जनदर्शन में कलेक्टर से गुहार लगाई कि उन्हें जीवित माना जाए और उनकी PM-Kisan सम्मान निधि की किस्त जारी की जाए।
इस मामले में अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक ने कहा कि वे शिकायत देखकर हैरान हैं। उन्होंने कहा कि कोई किसी जीवित व्यक्ति को मृत कैसे बता सकता है। इस संबंध में संबंधित एसडीएम और कृषि विभाग अधिकारी से रिपोर्ट लेकर कार्रवाई की जाएगी। दोषी अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी और यदि किसान PM-Kisan योजना के लिए पात्र हैं, तो उन्हें उनकी राशि दिलाई जाएगी।

