छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में भीषण गर्मी से एक तीन साल का तेंदुआ लू की चपेट में आ गया और उसकी मौत हो गई। वन विभाग की टीम ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन तेंदुआ पानी की कमी और तेज गर्मी से कमजोर हो चुका था और उसे बचाया नहीं जा सका।
जंगल में पानी की तलाश में भटकते हुए तेंदुआ हुआ शिकार:
सूत्रों के अनुसार, यह तेंदुआ जंगल में पानी की तलाश करते हुए भटक रहा था, तभी वह लू की चपेट में आ गया। जब वन विभाग की टीम को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने तुरंत तेंदुए को रेस्क्यू कर जंगल से निकालकर कानन पेंडारी जू में भर्ती कराया।
डॉक्टरों ने डिहाइड्रेशन से हुई मौत की पुष्टि की:
जू में तेंदुए का इलाज किया गया, लेकिन उसकी हालत पहले से ही काफी खराब थी। कुछ देर बाद ही तेंदुए ने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों ने पोस्टमॉर्टम के बाद पुष्टि की कि तेंदुए की मौत डिहाइड्रेशन यानी पानी की कमी के कारण हुई है।
वन विभाग पर लापरवाही के आरोप:
तेंदुए की मौत के बाद वन विभाग में हड़कंप मच गया है। विभाग पर लापरवाही के आरोप लग रहे हैं। बताया जा रहा है कि वन विभाग जंगली जानवरों, खासकर तेंदुओं के लिए पर्याप्त पानी की व्यवस्था करने में विफल रहा है।
विभाग के पास है बजट, लेकिन व्यवस्था नहीं:
सूत्रों का कहना है कि वन विभाग को जंगली जानवरों को गर्मी से बचाने के लिए पर्याप्त बजट मिलता है। इस बजट का इस्तेमाल जंगल में गड्ढे खोदकर पानी भरने और जानवरों के लिए पानी की व्यवस्था करने के लिए किया जाना चाहिए था, लेकिन विभाग इस मामले में लापरवाही बरत रहा है।
अभी भी बिलासपुर में 43 डिग्री के आसपास है तापमान:
बता दें कि बिलासपुर में इस वक्त तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के आसपास है। भीषण गर्मी से लोग बेहाल हैं और दोपहर में घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में तापमान में और वृद्धि की चेतावनी दी है।

