बिलासपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में एक बार फिर अनुशासनात्मक कार्रवाई देखने को मिली है। बिलासपुर रेंज के आईजी संजीव शुक्ला ने गंभीर आरोपों के चलते थाना प्रभारी कलीम खान को डिमोट कर दिया है। अब वह निरीक्षक (TI) की बजाय उप निरीक्षक (SI) के पद पर कार्यरत रहेंगे। यह डिमोशन एक वर्ष के लिए लागू रहेगा।
कलीम खान पर एक महिला ने पैसे मांगने और यौन शोषण का गंभीर आरोप लगाया था। जांच में आरोप सही पाए जाने पर यह कठोर फैसला लिया गया है।
क्या है मामला?
कलीम खान, जो तेजतर्रार थानेदार के रूप में पहचाने जाते थे, उस समय बिलासपुर में पदस्थ थे जब यह शिकायत दर्ज हुई। महिला ने आरोप लगाया कि दिल्ली में धोखाधड़ी के एक केस में उसके पति की गिरफ्तारी के बाद, कलीम खान ने केस में मदद का आश्वासन देकर उससे संपर्क किया। पहले फोन पर बात हुई, फिर मैसेज कर मुलाकात तय की गई, जहां उन्होंने कथित रूप से आर्थिक लाभ की मांग की और यौन शोषण का प्रयास किया।
तीन एसपी, एक कार्रवाई
- एसपी दीपक झा के कार्यकाल में शिकायत सामने आई।
- एसपी प्रशांत अग्रवाल के समय आरोपी महिला का पति गिरफ्तार हुआ था।
- एसपी पारुल माथुर के कार्यकाल में मामले की प्रारंभिक जांच कराई गई।
जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद विभागीय जांच कराई गई, जिसमें भी महिला की शिकायत को सही ठहराया गया। इसके आधार पर आईजी संजीव शुक्ला ने कलीम खान को डिमोट करने का आदेश दिया।

