दुर्ग। जिले के ग्राम बागडुमर स्थित मदर टेरेसा इंग्लिश मीडियम स्कूल में 3 साल 6 महीने की मासूम बच्ची से जुड़े मामले ने तूल पकड़ लिया है। बच्ची ने जब ‘राधे-राधे’ कहकर अभिवादन किया तो स्कूल की प्रिंसिपल ने उसके मुंह पर टेप चिपका दी और पिटाई कर दी। अब राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए प्रिंसिपल और स्कूल प्रबंधक को 14 अगस्त को तलब किया है।आयोग का सख्त रुखआयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि यह प्रकरण केवल बच्ची और उसके परिवार के धार्मिक पंथ चुनने के अधिकार का हनन ही नहीं, बल्कि किशोर न्याय अधिनियम की धारा 75 के तहत बच्चों के प्रति क्रूरता की श्रेणी में आता है। आयोग ने आश्वस्त किया कि इस मामले की जांच पूरी गंभीरता और निष्पक्षता से की जाएगी। साथ ही, जिला बाल संरक्षण अधिकारी दुर्ग और थाना प्रभारी नंदनी को भी आयोग में उपस्थित होने के आदेश दिए गए हैं। आयोग ने पीड़िता और उसके परिजनों से मिलकर स्वास्थ्य प्रतिवेदन प्रस्तुत करने को कहा है।घटना का विवरणमामला 30 अगस्त का है। आरोप है कि प्रिंसिपल इला ईवन कौलवीन ने बच्ची को केवल इसलिए प्रताड़ित किया क्योंकि उसने हिंदू परंपरा के अनुसार ‘राधे-राधे’ कहकर अभिवादन किया। बच्ची के शरीर पर चोट के निशान भी पाए गए हैं। घर पहुंचने के बाद बच्ची ने भयभीत होकर पूरी घटना परिजनों को बताई। इसके बाद पिता प्रवीण यादव ने नंदनी थाने में शिकायत दर्ज कराई।पुलिस और सामाजिक संगठनों की कार्रवाईघटना की जानकारी मिलने पर बजरंग दल के कार्यकर्ता भी थाने पहुंचे और स्कूल प्रबंधन पर सख्त कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए प्रिंसिपल को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने स्कूल प्रबंधन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
‘राधे-राधे’ कहने पर बच्ची को प्रताड़ित करने वाली प्रिंसिपल तलब, बाल आयोग ने लिया संज्ञान

