बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने रायपुर के कुख्यात हिस्ट्रीशीटर और सूदखोर रोहित तोमर व वीरेंद्र तोमर की अग्रिम जमानत याचिका सोमवार (3 नवंबर) को खारिज कर दी। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा की बेंच ने मामले को गंभीर मानते हुए कहा कि यह आर्गेनाइज्ड क्राइम से जुड़ा है। हालांकि, दोनों की पत्नियों और एक भतीजे की याचिका मंजूर कर ली गई।
परिवार का दावा: बचाव पक्ष के वकील ने कोर्ट में तर्क दिया कि पुलिस दुर्भावना से काम कर रही है। एक ही मामले में 7 FIR दर्ज की गईं, सिर्फ परिवार को फंसाने के लिए। तोमर बंधु महीनों से फरार हैं, पुलिस ने इनाम भी घोषित किया है।
सरकारी पक्ष: अतिरिक्त महाधिवक्ता ने विरोध करते हुए कहा कि भाइयों का आपराधिक रिकॉर्ड बहुत लंबा है। सूदखोरी, मारपीट, धमकी के दर्जनों मामले। जमानत मिली तो गवाह प्रभावित होंगे, सबूत नष्ट हो सकते हैं।
अब तोमर बंधुओं का रास्ता सुप्रीम कोर्ट की ओर। सूत्रों के मुताबिक, वे जल्द अपील दायर करेंगे।