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ड्रिप चढ़ा कर बचा रहे पेड़ों की जान, ‘बूंद-बूंद पानी’ से हरियाली बरकरार

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में पेड़ों को अनोखे तरीके से बचाया जा रहा है. यहां लोगों ने पेड़ों को ड्रिप लगाया है. बिना पानी बर्बाद किये पेड़ों को पानी दिया जाता है।

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के फिंगेश्वर नगर पंचायत के विनायक नगर 12 में लोग भीषण गर्मी में पेड़ों पर ड्रिप लगाकर जान बचाने की कोशिश कर रहे हैं. पानी की खपत कम करने और पेड़ों में नमी बरकरार रखने के लिए स्थानीय जुगाड़ से पेड़ों की सिंचाई की जाती है। फिंगेश्वर स्थित महाविद्यालय परिसर में 35 से अधिक वृक्ष लगाये गये। ये पेड़ इतनी आसानी से नहीं उगते. इस कहानी के पीछे सेक्टरवासियों के संघर्ष की कहानी छिपी है।

दरअसल 2019-2020 कोरोना काल के समय वार्ड के कुछ शिक्षक, व्यपारी, युवा, डॉक्टर, पढ़ने वाले बच्चों ने यह सोचा की कोरोना काल में लोगों को ऑक्सीजन की बहुत ज्यादा जरूरत है, क्यों न खाली बैठे है तो कॉलेज मैदान में पेड़ लगाया जाए.

किरोनो काल में लॉकडाउन लगा था. कोरोना और पुलिस के डर में लोग घर से बहार नहीं निकलते थे. तब वार्डवासियों ने सोचा की खाली समय में क्यों ना पेड़ लगते है. फिर योजना बना कर कॉलेज मैदान में पौधा लगाना शुरू किए और 35 फलदार, छायादार पौधे रोपे गए. फिर मिली बड़ी चुनौती.

कॉलेज मैदान में जब पौधे लग गए तो इनकी सुरक्षा के लिए वार्ड के लोगों ने वन विभाग से ट्री गार्ड की मांग की. तब उस वक्त एक अधिकारी ने यह कह के बात टाल दिया कि जिस जमीन पर पेड़ लगा रहे वह बंजर है. लेटराइड भूमि है. 35 पेड़ क्या, एक पेड़ नहीं लगेगा. यह बात वार्ड वासियों के दिल में लग गई. फिर चैलेंज के तौर पर उसी भूमि पर 35 पौधे लगा दिए. वार्ड वासियों की मदद से ट्री गार्ड भी खरीदे और सुबह शाम सब मिल कर 35 पौधे में पानी डालते गए. अब धीरे-धीरे पौधे पेड़ का रूप ले रहे है.

जिम्मेदारी से वार्डवासी पेड़ों की रक्षा कर रहे है. लोगों ने देखा कि पेड़ में 5 लीटर पानी डालने से सब बह जा रहा है तब रवि साहू, जागेश्वर वर्मा, मोनू गुप्ता , रेवती रमन साहू, शशि साहू, अखलेसवर वर्मा, तीरथ साहू, रूपेंद्र साहू, लीशा साहू, झिलमिल साहू, कान्हा साहू, पीहू साहू, राजवीर साहू, तानु साहू, युवान साहू, मिस्ठी गुप्ता, ईशा, दादू वर्मा सभी ने देशी जुगाड़ लगा कर 35 पौधों ने ड्रिप लगा दिए. इससे अब पानी बर्बाद नहीं होता और बूंद-बूंद पानी पेड़ों के जड़ों तक पहुंच रहा है. जब कोई भी कॉलेज मैदान में जाते है तो बंजर भूमी में हरियाली की इस मुहिम की खूब तारीफ करता है.

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