गरियाबंद: डिलीवरी के नाम पर निजी अस्पताल में आदिवासी महिला को रोके जाने का आरोप

भुंजिया जनजाति की 23 वर्षीय गर्भवती महिला नवीना चींदा को सामान्य प्रसव के बाद ओडिशा के कालाहांडी जिले स्थित एक निजी अस्पताल में कथित तौर पर 20 हजार रुपये की मांग को लेकर नवजात के साथ पांच दिनों तक रोके जाने का मामला सामने आया है। भर्ती के समय 5 हजार रुपये जमा किए गए थे, जबकि प्रसव के बाद 15 हजार और मांगे गए।

आर्थिक तंगी के कारण राशि की व्यवस्था नहीं हो पाने पर महिला की सास गांव लौट आई। मामले की जानकारी मिलने पर जिला पंचायत अध्यक्ष गौरी शंकर कश्यप की पहल से प्रतिनिधियों ने अस्पताल प्रबंधन से बातचीत की, जिसके बाद 5 हजार रुपये देकर जच्चा-बच्चा को सुरक्षित घर भेजा गया

परिवार के सरकारी योजनाओं से वंचित होने और लापरवाही के आरोपों को लेकर सीएमएचओ से जांच कराने के निर्देश दिए जाएंगे। वहीं अस्पताल प्रबंधन ने जबरन पैसे मांगने और बंधक बनाने के आरोपों से इनकार किया है।

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