मोहला-मानपुर। आदिवासी बहुल मानपुर ब्लॉक के सुदूर गांव सुड़ियाल में संचालित डाकघर अपनी बदहाल व्यवस्था को लेकर चर्चा में है। करीब एक वर्ष पहले शुरू हुए इस डाकघर के पास आज तक अपना भवन नहीं है। स्थिति यह है कि डाकघर के लिए गांव के एक झोपड़ीनुमा घर को अस्थायी कार्यालय बनाया गया है, जहां एक हिस्से में बकरियां और मुर्गियां रहती हैं, जबकि दूसरे हिस्से में परिवार निवास करता है।

डाककर्मियों को पेड़ या मचान के नीचे बैठकर विभागीय कार्य करना पड़ता है। दुर्गम पहाड़ी और जंगलों से होकर करीब 10 किलोमीटर का सफर तय कर कर्मचारी गांव पहुंचते हैं। क्षेत्र में बिजली और बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव है।
ग्रामीणों को डाक और वित्तीय सेवाओं का लाभ मिल रहा है, लेकिन बिना भवन के डाकघर संचालन पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों ने जल्द स्थायी डाकघर भवन निर्माण की मांग की है। वहीं कठिन परिस्थितियों के बावजूद डाककर्मी अपनी सेवाएं लगातार जारी रखे हुए हैं।