रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज जल जीवन मिशन योजना में गड़बड़ी को लेकर जमकर हंगामा हुआ। विपक्षी विधायकों ने सरकार से जवाब मांगा, लेकिन विभागीय मंत्री के संतोषजनक उत्तर न देने पर विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “पूरे प्रदेश में जल जीवन मिशन की स्थिति खराब है।” उन्होंने आरोप लगाया कि नल जल योजना में कोई कार्य नहीं हो रहा है और विधायकों को एक ही विषय पर बार-बार सवाल पूछने पड़ रहे हैं।
मंत्री की तैयारी पर सवाल
भूपेश बघेल ने मंत्री की तैयारी पर भी सवाल उठाते हुए कहा, “मंत्री बिना तैयारी के सदन में आ रहे हैं, जो उनकी लापरवाही को दर्शाता है।” उन्होंने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के विधायक भी जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन से असंतुष्ट हैं, जो विभाग की खराब स्थिति को दर्शाता है।
ईडी की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया
ईडी की कार्रवाई को लेकर भी भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “लोगों का ध्यान भटकाने के लिए ईडी की कार्रवाई की जा रही है।” उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी और आईटी का काम अब कांग्रेस को बदनाम करना रह गया है।
उन्होंने चुनौती दी कि “अगर केंद्र सरकार में हिम्मत है, तो दिल्ली में बने भाजपा कार्यालय का हिसाब लिया जाए। छत्तीसगढ़ के कुशाभाऊ ठाकरे परिसर और एकात्म परिसर की जांच भी की जाए।”
जल जीवन मिशन योजना पर क्या हैं आरोप?
- विपक्ष का आरोप है कि प्रदेश में नल जल आपूर्ति का काम धीमी गति से चल रहा है।
- कई इलाकों में नल कनेक्शन तो दिए गए हैं, लेकिन पानी की आपूर्ति नहीं हो रही।
- योजना के क्रियान्वयन में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं।
- पारदर्शिता की कमी के चलते विधायक बार-बार सवाल उठा रहे हैं।