छत्तीसगढ़: जिले के उदयपुर ब्लॉक में स्थित केते एक्सटेंशन कोल परियोजना की जनसुनवाई के समर्थन में प्रभावित गांवों के ग्रामीणों ने सोमवार को सरगुजा कलेक्टर और क्षेत्रीय पर्यावरण अधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
ग्रामीणों का कहना है कि इस परियोजना से हजारों लोगों को रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं के अवसर मिलेंगे।
100 से अधिक ग्रामीणों ने हस्ताक्षरित ज्ञापन सौंपा। ग्राम परसा की मीरा बघेल, सरपंच झल्लूराम सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि वे 2 अगस्त को केते एक्सटेंशन के लिए उनके गांव परसा में होने वाली जनसुनवाई का समर्थन करते हैं और इसे समय पर पूरा करने की मांग करते हैं।
ज्ञापन में ग्रामीणों ने लिखा है कि राजस्थान राज्य विद्युत की कोयला खदानों के खुलने से क्षेत्र में रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और ढांचागत विकास के कई कार्यक्रम शुरू हुए हैं। इससे उन्हें विकास की मुख्यधारा से जुड़ने का मौका मिला है। वे चाहते हैं कि परियोजना शुरू हो और क्षेत्र के लोगों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, जिससे क्षेत्र का बहुमुखी विकास हो सके।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कुछ बाहरी तथाकथित एनजीओ ग्रामीणों को बहला-फुसलाकर जनसुनवाई का विरोध करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे परियोजना की पर्यावरणीय स्वीकृति के लिए होने वाली जनसुनवाई का शांतिपूर्ण तरीके से आयोजन चाहते हैं।
गौरतलब है कि ग्रामीण पहले भी राजस्थान राज्य विद्युत द्वारा संचालित परसा ईस्ट केते बासेन (पीईकेबी) कोयला खदान के निर्बाध संचालन और परसा कोल ब्लॉक (पीसीबी) को शुरू करने की मांग कर चुके हैं।
