ग्रामीणों को राशन लेने के लिए करीब 2 किलोमीटर पहाड़ी रास्ता तय कर नीचे उतरना पड़ा, लेकिन वहां पहुंचने के बाद भी उन्हें राशन नहीं मिल सका। इससे ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
राशन के लिए लंबी दूरी तय करने के बाद खाली हाथ लौटने से ग्रामीणों में नाराजगी है। उनका कहना है कि दूरस्थ क्षेत्र में रहने के कारण उन्हें पहले ही कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों ने राशन वितरण व्यवस्था को सुचारू करने और समय पर खाद्यान्न उपलब्ध कराने की मांग की है। मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर व्यवस्था सुधारने की जरूरत बताई जा रही है।



