मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम कटने से भाजपा विधायकों की बढ़ी चिंता

आगामी स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों से पहले भाजपा विधायकों की चिंता बढ़ती नजर आ रही है। हालात ऐसे हैं कि इसका असर आने वाले लोकसभा और विधानसभा चुनावों तक दिखाई दे सकता है।रायपुर जिले की सात विधानसभा सीटों रायपुर ग्रामीण, उत्तर, पश्चिम, दक्षिण, धरसींवा, आरंग और अभनपुर में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान कुल 4 लाख 99 हजार 77 मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से काट दिए गए हैं। कई प्रयासों के बावजूद अब तक इनमें से सिर्फ करीब 20 हजार नाम ही दोबारा जुड़ पाए हैं।

पिछले विधानसभा में जितने वोटों से जीत हुई थी कि उससे कहीं ज्यादा वोट कट गए हैं। ऐसे में आने वाले चुनावों में सबसे ज्यादा असर जीते हुए विधायकों को ही होगा। जिले में फिलहाल एक भी कांग्रेस विधायक नहीं है और सातों सीटों पर भाजपा के विधायक हैं।

एसआईआर में सबसे ज्यादा नुकसान रायपुर ग्रामीण से विधायक मोतीलाल साहू को हुआ है, जहां 1 लाख 34 हजार 252 वोट कटे। वहीं रायपुर पश्चिम से विधायक राजेश मूणत के क्षेत्र में 1 लाख 3 हजार 312 मतदाता सूची से बाहर हो गए हैं।

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